Indian No Plate Design In Hindi|2021 में जानिए भारतीय नंबर प्लेट के प्रकार!

Indian No Plate Design In Hindi |जानिए भारतीय नंबर प्लेट के प्रकार!

Indian No Plate Design इस ब्लॉग आर्टिकल में हम भारत के वाहनों के वभिन्न No Plate Design के बारे में जानेंगे। भारत में अलग अलग वाहनों को विभिन्न प्रकार के नंबर प्लेट्स दी जाती है। 

दोस्तों आप वाहन तो चलाते है, लेकिन क्या आपको पता है की भारत में अलग अलग वाहनों के लिए अलग अलग प्रकार के नॅम्बर प्लेट्स का उपयोग किया जाता है। आपको वाहनो के नंबर प्लेट के प्रकार के बारे में पता होना चाहिए।

Indian No Plate Design

भारत में ही नहीं दुनिया में वाहन की  लाइसेंस प्लेट को आमतौर पर नंबर प्लेट  के रूप में जाना जाता है। यह एक धातु की बानी हुई प्लेट है जो वाहन से जुड़ी होती है, और उस पर अंकित किये गये नंबर वाहन का पंजीकरण नंबर होता है।

हालांकि भारत में आधिकारिक नंबर प्लेट अलग-अलग प्रकार के होते हैं, जिनमें से प्रत्येक नंबर प्लेट का एक अलग उद्देश्य है। भारत में नंबर प्लेट को वाहन के आगे और पीछे लगाया जाता है, क्यू की वाहनों की पहचान करने में आसानी हो सके।

1988 के मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर चलने वाले सभी वाहनों के लिए एक पंजीकृत संख्या हुआ जरुरी है।

वाहन की पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एक यूनिक नंबर प्लेट को वाहन को सौंपा जाता है, जिसे वाहन की पंजीकृत नंबर प्लेट के रूप में जाना जाता है।

प्रत्येक वाहन की नंबर प्लेट अद्वितीय है, और पुरे देश में उस नंबर का दूसरा कोई वाहन नहीं होता है। नंबर प्लेट में चार अलग-अलग भाग होते हैं, प्रत्येक भाग का एक विशिष्ट महत्व होता है। 

मान लीजिए कि एक वाहन का पंजीकरण नंबर MH04Q0786 है। यह नंबर वाहन को ऐसे ही नहीं दिया जाता है, इस नंबर में जो शुरुवात के दो अक्षर है वो भारत के किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश को दर्शाते है जिसमे वाहन को पंजीकृत किया गया है।

उदाहरण के लिए, अगर वाहन की महाराष्ट्र में पंजीकृत किया गया होगा तो MH, हरियाणा में किया गया होगा तो HR, उत्तर प्रदेश में किया गया होगा तो UP ऐसे ही अलग अलग राज्यों का अलग अलग नाम अंकित किये गए होंगे।

Indian No Plate Design

शुरुवात के दो अक्षरों के बाद अगले जो दो नंबर है वो उस राज्य के जिले को दर्शाते है जिस राज्य के जिले में इसे पंजीकृत किया गया था।  उसके बाद का जो अक्षर होता है वो एक यूनिक सीरीज होती है, और यह अद्वितीय होता है। 

इसके बाद के जो आकड़े होते है वह वाहन का यूनिक नंबर होता है।  यह नंबर वाहनधारक अपनी पसंद से भी ले सकता है, लेकिन इसके लिए वाहनधारक को कुछ पैसे RTO ऑफिस में फीस के रूप में जमा करने होते है।

नंबर प्लेट का अंतिम भाग एक जो ‘IND’ प्रदर्शित करता है, वो दर्शाता है कि वाहन भारत में पंजीकृत किया गया है।

उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेटों में, लोगो में शीर्ष पर एक क्रोमियम होलोग्राम भी शामिल है जो एक ‘चक्र’ जैसा दिखता है। वाहनों की चोरी को कम करने के लिए 2005 में HSRP की शुरुआत की गई थी।

Indian No Plate Design/Types |भारतीय नंबर प्लेट के प्रकार!

१) सफ़ेद रंग की नंबर प्लेट (White Color No Plate Design)

सफ़ेद रंग की नंबर प्लेट खास कर आम वाहनों का प्रतीक है।इस तरह के नंबर प्लेट वाले वाहनों का व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

Indian No Plate Design

इस वाहन का व्यवसायिक उपयोग नहीं किया जाता है। इस प्लेट पर काले रंग में नंबर लिखे जाते है, अधिकांश लोग सफ़ेद रंग देखकर आसानी से अनुमान लगा सकते है की यह एक निजी वाहन है।

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) पीले रंग की नंबर प्लेट (Yellow Color No Plate Design)

यदि पीले रंग की नंबर प्लेट पर काली स्याही से नंबर लिखा जाता है, तो ऐसे वाहनो को कमर्शियल वाहन कहा जाता है। इस तरह के नंबर प्लेट वाले वाहनों का उपयोग व्यापारिक दृष्टिकोण से किया जाता है। इस प्रकार का रंग अपने ट्रक, टैक्सी आदि में देखा होगा।  इस प्रकार के वाहन का उपयोग यात्रियों या माल ढोने के लिए किया जा सकता है।

Indian No Plate Design

) नीले रंग की नंबर प्लेट (Blue Color No Plate Design)

नीले रंग की नंबर प्लेट उस वाहन को दी जाती है, जिसका उपयोग विदेशी प्रतिनिधियों, राजदूतों द्वारा किया जाता है।  इस तरह की नंबर प्लेट पर सफ़ेद स्याही से नंबर लिखा होता है। 

Indian No Plate Design

इस नंबर प्लेट पर भारत की बजाय उस देश का कोड लिखा होता है जिस देश के राजनितिक प्रतिनिधि इसका इस्तेमाल करते है। आम लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते है। 

) लाल रंग की नंबर प्लेट (Red Color No Plate Design)

Indian No Plate Design

इस प्रकार की नंबर प्लेट का उपयोग भारत के राष्ट्रपति और विभिन्न राज्यों के राज्यपालों के लिए किया जाता है।  ऐसे वाहनों में, लाइसेंस नंबर “Emblem Of India” द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है। यहाँ यह बताना महत्वपूर्ण है की भारत के प्रधानमंत्री की कार की नंबर   प्लेट एक आम आदमी की कर की तरह सफ़ेद रंग की होती है।

) काले रंग की नंबर प्लेट (Black Color No Plate Design)

Indian No Plate Design

किराये पर उपलब्ध सेल्फ ड्राइव वाले वाहनों की नंबर प्लेट में काले रंग के बैकग्राउंड पर पिले रंग के अक्षर होते है। इस प्रकार की नंबर प्लेट लक्ज़री होटल परिवहन में भी इस्तेमाल होती है, इन कारो को एक व्यापारिक वाहन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। जिसमे चालक के पास वाणिज्यिक ड्राइविंग परमिट नहीं होता है।

) हरे रंग की नंबर प्लेट (Green Color No Plate Design)

Indian No Plate Design

भारत सरकार ने पहले देश में चल रहे सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विशेष हरे रंग के नंबर प्लेट का प्रस्ताव रखा था। सरकार ने अब राज्य के परिवहन विभागों से कहा है कि वे सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अनिवार्य रूप से हरे रंग की नंबर प्लेटों का उपयोग करें, चाहे वे किसी भी वर्ष में खरीदी गई हों।

किसी वाहन पर प्रदर्शित की जाने वाली हरे रंग की नंबर प्लेट यह दर्शाती है की यह एक शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहन है।  यह विशेष रूप से शुन्य उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए है।

) तीर के निशान वाली नंबर प्लेट (Upward Arrow Mark No Plate Design)

सैन्य वाहनों के लिए विभिन्न नम्बरिंग प्रणाली का उपयोग किया जाता है। रजिस्ट्रेशन प्लेट में पहले या दूसरे अक्षर के बाद ऊपर की ओर इशारा करते हुए तीर होता है, जो ब्रॉड एरो के रूप में जाना जाता है। 

तीर के आगे वाले अक्षर उस वर्ष को दर्शाते है, जिस वर्ष वाहन को ख़रीदा गया था। इसके बाद आधार कोड और बाद में क्रम संख्या आती है।  सीरियल नंबर समाप्त होने वाला अक्षर वाहन के वर्ग को दर्शाता है।   

Indian No Plate Design

इस तरह की नंबर प्लेट में पहला वर्ण हमेशा ऊपर की ओर इंगित करता हुआ तीर होता है। अगले दो अंक उस वर्ष को दर्शाते हैं जिसमें रक्षा विभाग ने वाहन की खरीद की थी।

अगला आधार कोड है, उसके बाद क्रम संख्या। सीरियल नंबर के बाद समाप्त होने वाला पत्र वाहन की कक्षा को दर्शाता है। तीर नंबर प्लेट के मामले में संख्या को गलत तरीके से पढ़ने से रोकता है।

Registration | पंजीकरण

जब कोई व्यक्ति नया वाहन ख़रीदता है तो वाहन डीलर द्वारा वाहन को एक TR नंबर इशू किया जाता है। TR नंबर का मतलब होता है अस्थायी रूप से दिया गया नंबर, इस नंबर की अवधि मात्र इ महीने की होती है।

इस एक महीने की अवधि के भीतर वाहन मालिक को उनके जिले के RTO द्वारा आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया नंबर प्राप्त होता है, जिसे हम गाड़ी नंबर कहते है।

इस नंबर का पंजीकरण वाहन मालिक स्वय भी RTO के कार्यालय में जा कर कर सकते है, या फिर यह पूर्ण प्रक्रिया वाहन डीलर द्वारा भी की जाती है।  

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धन्यवाद!

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